पप्पू यादव को बिहार पुलिस ने इसलिए गिरफ्तार किया गया
पप्पू यादव को बिहार पुलिस ने इसलिए गिरफ्तार किया गया
पटना
पूर्णिया के निर्दलीय एमपी पप्पू यादव उर्फ राजीव रंजन यादव को पुलिस ने शुक्रवार की आधी रात को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी 1995 के एक पुराने मामले में की गई। पुलिस के अनुसार इस गिरफ्तारी के लिए एमपी, एमएलए के विशेष न्यायालय के द्वारा कुर्की जब्ती और गिरफ्तारी के आदेश के बाद किया गया है।
इस गिरफ्तारी में पटना के गर्दनीबाग मोहल्ला निवासी विनोद बिहारी लाल ने एक प्राथमिक की दर्ज कराई थी। जिसमें आरोप लगाया गया था कि पप्पू यादव और उनके समर्थकों ने धोखाधड़ी से उनका मकान किराए पर ले लिया। किराया पर लेने से पहले पर्सनल उपयोग के लिए मकान किराए पर लेने की बात कही गई थी बाद में उसमें राजनीतिक कार्यालय चालू कर दिया गया।
इसमें धमकी देने धोखाधड़ी, धोखा इत्यादि आरोप लगाए गए थे। इस मामले में पप्पू यादव को कई बार कोर्ट से उपस्थित होने का सम्मन जारी किया गया था परंतु पप्पू यादव के उपस्थित नहीं होने पर पुलिस ने रात को उनको गिरफ्तार किया।
उधर, पप्पू यादव ने बताया कि दिल्ली में संसद भवन के चालू सत्र को छोड़कर वे शनिवार को कोर्ट में उपस्थित होने के लिए ही शुक्रवार की रात में पटना पहुंचे थे । पटना आवास पर पहुंचते ही सिविल ड्रेस में दीपक कुमार नामक एक व्यक्ति पुलिस कर्मियों के साथ आया और अपने साथ चलने के लिए कहने लगा।
किसी तरह का वारंट भी नहीं दिखाया गया। पप्पू यादव रात में ही 11:00 बजे यह घटना हुई है ।
पप्पू यादव ने फेसबुक पर लाइव आकर पुलिस पर जान मारने की साजिश रचने का आरोप लगाया। बाद में काफी हंगामा के बाद पुलिस आधी रात्रि को पप्पू यादव को गिरफ्तार करके इंदिरा गांधी मेडिकल हॉस्पिटल लेकर गई है।
जहां मेडिकल जांच के बाद पुलिस के द्वारा पप्पू यादव को हिरासत में रखा गया है। वहीं आज शनिवार को कोर्ट में पप्पू यादव को उपस्थित कराया जाएगा।
मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। वहीं सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह मौके पर उपस्थित थे।
उन्होंने मीडिया को बताया कि पुराने मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस के द्वारा यह कार्यवाही की गई है । पुलिस के द्वारा पप्पू यादव का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। उन्हें पता है कि वह मेडिकल केयर में रहते हैं । इसलिए उनकी दवाइयां भी पुलिस ने ले ली है और केयरटेकर को भी साथ लिया है।
बताना जरूरी है कि पप्पू यादव ही केवल एक ऐसे बिहार के वर्तमान में नेता हैं, जो पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की छात्रा की हुई हत्या और दुष्कर्म के मामले को काफी मजबूती से उठा रहे हैं।
संसद भवन के बाहर भी उन्होंने इसको लेकर प्रदर्शन किया था और लगातार इस मामले को उठा रहे हैं । उनके द्वारा प्रभात हॉस्पिटल के नर्स के बयान को भी जारी किया गया था जो कि इस मामले पर बड़ा पर्दा उठाने का काम किया।
वहीं पप्पू यादव लगातार इस मामले को लेकर मुखर रहे हैं। अब पप्पू यादव का आरोप है कि पुलिस ने इसी का प्रतिशोध लेने के लिए आधी रात को उनको गिरफ्तार किया गया है । जबकि वह कोर्ट में उपस्थित होने के लिए ही पटना आए थे।
बता दें कि पप्पू यादव का राजनीतिक सफर जितना प्रभावशाली रहा है, उतना ही विवादित भी।
1998 में सीपीआई (एम) विधायक अजीत सरकार की हत्या में उन्हें निचली अदालत ने आजीवन कारावास सुनाया था। हालांकि, पर्याप्त सबूत न होने के कारण 2013 में हाईकोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया।
32 साल पुराना अपहरण केस: 2021 में भी उन्हें मधेपुरा पुलिस ने साल 1989 के एक अपहरण मामले में गिरफ्तार किया था, जिसमें वे बाद में जमानत पर बाहर आए।
लोकसभा चुनाव हलफनामे के अनुसार, पप्पू यादव पर 41 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें दंगा भड़काना, जबरन वसूली, और सरकारी काम में बाधा डालने जैसे आरोप शामिल हैं।
मधेपुरा के खुर्दा गांव में एक संपन्न परिवार में जन्मे पप्पू यादव ने 1990 में राजनीति में कदम रखा। निर्दलीय विधायक से शुरू हुआ उनका सफर 6 बार के सांसद बनने तक पहुंचा है।
कोसी और सीमांचल क्षेत्र में वे अपनी एक अलग धाक रखते हैं, जहाँ उनके समर्थक उन्हें हीरो' के रूप में देखते हैं, जबकि विरोधी उन्हें 'बाहुबली' करार देते हैं।
पप्पू यादव की इस अचानक गिरफ्तारी ने बिहार की सियासत में भूचाल ला दिया है। उनके समर्थकों ने इसे "राजनीतिक प्रतिशोध" बताया है, जबकि पुलिस का कहना है कि यह पूरी तरह से अदालती आदेश के अनुपालन में की गई कानूनी कार्रवाई है।
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