तो क्या सुधरेगी सदर अस्पताल की व्यवस्था? डीएम की जांच में तीन डॉक्टर गायब मिले
तो क्या सुधरेगी सदर अस्पताल की व्यवस्था? डीएम की जांच में तीन डॉक्टर गायब मिले
शेखपुरा:
जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने सोमवार को सदर अस्पताल शेखपुरा का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत को परखा। निरीक्षण के दौरान ओपीडी, विभिन्न वार्ड, प्रसव कक्ष, सीटी स्कैन कक्ष, ब्लड जांच केंद्र और एक्सरे विभाग का बारीकी से जायजा लिया गया। अस्पताल परिसर में गंदगी और अव्यवस्था देखकर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई तथा स्वास्थ्य प्रबंधन को स्वच्छता व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

रोस्टर की जांच में यह सामने आया कि ड्यूटी पर तैनात कई चिकित्सक अपनी जगह से अनुपस्थित थे। इस पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए सिविल सर्जन को रोस्टर के अनुसार शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। बायोमेट्रिक अटेंडेंस की स्वयं जांच करते हुए समय की पाबंदी पर विशेष जोर दिया गया। मरीजों को यह जानकारी मिल सके कि कौन सा डॉक्टर कब उपलब्ध है, इसके लिए सभी चिकित्सकों के नेम प्लेट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का आदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने भर्ती मरीजों से बातचीत कर इलाज और सुविधाओं की जानकारी भी ली।
निरीक्षण के क्रम में अस्पताल परिसर में संचालित ‘जीविका दीदी की रसोई’ की भी जांच की गई। भोजन की गुणवत्ता पर संतोषजनक व्यवस्था नहीं मिलने पर स्पष्ट चेतावनी दी गई कि मरीजों के भोजन की क्वालिटी से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और चिकित्सकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी तथा सिविल सर्जन को पूरी व्यवस्था दुरुस्त कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया।
इसी दौरान लोक स्वास्थ्य प्रमंडल (पीएचईडी) कार्यालय का भी औचक निरीक्षण किया गया, जहां अव्यवस्था, अनुशासनहीनता और कार्यसंस्कृति की कमी पाई गई। कार्यालय में नेम प्लेट, आईकार्ड और बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
सदर अस्पताल में निरीक्षण के दौरान तीन चिकित्सक अनुपस्थित पाए गए, जिनमें डॉ. अमी अग्रवाल, डॉ. श्वेता और डॉ. पवन कुमार शामिल हैं। बताया जाता है कि कुछ चिकित्सकों की अनियमित उपस्थिति पहले से ही चर्चा में रही है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस कार्रवाई के बाद सदर अस्पताल की व्यवस्था वास्तव में सुधरेगी या फिर मामला फिर से दबा दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने संकेत दिए हैं कि अनुपस्थित चिकित्सकों पर कठोर कार्रवाई, यहां तक कि वेतन बंद करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
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