• Tuesday, 04 October 2022
“कैसे खेले जइबू सावन में कजरिया, बदरिया घिर आई ननदी” कजरी संध्या का हुआ आयोजन।

“कैसे खेले जइबू सावन में कजरिया, बदरिया घिर आई ननदी” कजरी संध्या का हुआ आयोजन।

बरबीघा।

सावन के महीने में गए जाने वाले कजरी लोकगीत की विलुप्त होते परंपरा को बचाने के लिए कजरी संध्या का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गायक कलाकार एवं सांस्कृतिक कर्मियों के द्वारा कजरी गीत का गायन किया गया।

कजरी गीत

गायक प्रभाकर त्रिवेदी के द्वारा “कैसे खेले जइबू सावन में कजरिया, बदरिया घिर आई ननदी” गीत का गायन किया गया। जबकि “बरसे सावन के बदरिया सांवरिया नाहीं अइले ननदी” कजरी गीत पे लोक झूमे।

इस अवसर पर गायक कलाकारों ने शमा बांध दी। जबकि कुछ फिल्मी और कव्वाली गीत का भी गायन किया गया। गायक कलाकार एवं नाल वादक जोगिंदर सिंह के द्वारा कव्वाली का गायन किया गया जबकि गायक कलाकार एवं शिक्षक गणनायक मिश्रा तथा शिव जी के द्वारा फिल्मी धुनों पर गीत गाए गए

इसका आयोजन माउर गांव में राष्ट्रीय स्वास्थ्य निगम के निदेशक रवि रंजन कुमार के द्वारा किया गया। इस अवसर पर जदयू नेता अंजनी कुमार ने भी फिल्मी गीत गाए जबकि मौके पर राजेश कुमार राजू, जयशंकर कुमार, विनोद सिंह, रजनीश कुमार, रितेश, प्रदीप, धर्मवीर, सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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