BIG SUNDAY STORY : शेखपुरा में साढ़े चार लीटर देसी शराब ने गर्मा दी राजनीति
शेखपुरा में साढ़े चार लीटर देसी शराब ने गर्मा दी राजनीति
शेखपुरा।
उत्पाद विभाग को एक गुप्त सूचना मिली कि शेखोपुरसराय के डोबाडीह गांव में स्थित एक आटा चक्की मिल से शराब बेची जा रही है। सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग के पदाधिकारी और पुलिसकर्मियों ने रात में छापेमारी की। कई वर्षों से संचालित एक पुराने मिल के पिछले दरवाजे के बगल के खुले हिस्से से साढ़े चार लीटर देसी शराब बरामद की गई।
जिला परिषद अध्यक्ष निर्मला कुमारी pic.twitter.com/9KjmETn17T
— SNEWS: भरोसे की खबर (@snews_live) May 31, 2026
देसी शराब की बरामदगी के बाद चक्की मिल के संचालक मनोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। मनोज कुमार की भाभी ओनामा गांव की पंचायत समिति सदस्य हैं।
बरामद शराब पिछले दरवाजे के बगल से मिली। उसके पीछे खुला मैदान और झाड़ियां हैं। मनोज कुमार की गिरफ्तारी के बाद गांव के लोग आक्रोशित हो गए।
करीब 25 वर्षों से मनोज कुमार आटा चक्की चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं।
गांव के लोगों ने उन्हें फंसाए जाने का आरोप लगाया। इसके बाद पूरे मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया। परिवार के लोगों का कहना है कि राजनीतिक दुश्मनी के कारण मनोज कुमार को फंसाया गया है।
गांव के लोग शराब पर क्या कहते हैं pic.twitter.com/FkX86motrn
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वहीं, इस संबंध में उत्पाद अधीक्षक अमित आनंद ने कहा कि गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गई तथा उसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। उन्होंने बताया कि शराब की बरामदगी पिछले दरवाजे के बगल से हुई है। छापेमारी के दौरान सभी नियमों का पालन किया गया और मनोज कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्होंने किसी को फंसाने के आरोप को गलत बताया। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले को जानबूझकर राजनीति के तहत तुल दिया जा रहा है। इसमें पैरवी भी नहीं चलने के बाद इस तरह से किया जा रहा है
उधर, मनोज कुमार की पत्नी अनुप्रिया देवी ने दावा किया कि उनके पति को राजनीतिक दुश्मनी के कारण फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि मनोज कुमार कभी शराब के कारोबार से जुड़े नहीं रहे और मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मनोज कुमार की गिरफ्तारी ने जिले की राजनीति को गर्मा दिया है।
बुधवार की रात उनकी गिरफ्तारी हुई। गुरुवार को सुबह इसकी खबर फैलते ही गांव के लोग सड़क पर उतर आए और सड़क जाम कर दिया।
गांव के लोग उत्पाद विभाग पर एक निर्दोष व्यक्ति को फंसाने का आरोप लगाते रहे। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद जाम समाप्त कराया गया।
उधर, मामला तब और आगे बढ़ गया जब शुक्रवार को शेखपुरा जिले की प्रभारी मंत्री सह समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता शेखपुरा पहुंचीं। यहां 20 सूत्री समिति की बैठक आयोजित थी। बैठक में मनोज कुमार के गांव के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे और उन्हें निर्दोष होते हुए भी जेल भेजे जाने का आरोप लगाया। साथ ही पूरे मामले की किसी वरीय पदाधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
इस मामले में 20 सूत्री समिति की बैठक में शामिल होने आए बरबीघा विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुष्पांजय कुमार से जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह उत्पाद विभाग के अधिकारियों से बात कर मामले की जानकारी लेंगे और उसके बाद प्रतिक्रिया देंगे।
वर्तमान में इस पूरे मामले में जिला परिषद अध्यक्ष निर्मला कुमारी ने खुलकर मोर्चा संभाल लिया है। 20 सूत्री समिति की बैठक में उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पदाधिकारी निष्पक्षता से जांच करें। यदि कोई दोषी है तो उसे सजा मिलनी चाहिए, लेकिन यदि कोई निर्दोष व्यक्ति सजा पाता है तो यह भी एक बड़ा अन्याय और गंभीर मामला है। अब देखना है कि राजनीतिक रंग ले चुके इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी होता है अथवा नहीं...?
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