
शिक्षक और विद्यार्थी दोनों में हुआ है क्षरण: अरुण साथी

बरबीघा
बरबीघा के मुहिम फाउंडेशन द्वारा संचालित कुशल युवा कार्यक्रम केंद्र पर शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक और विद्यार्थी विषय पर एक दिवसीय परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस परिचर्चा में बोलते हुए संस्था के निदेशक अरुण साथी ने कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी, दोनों में नैतिक रूप से क्षरण हुआ है। एक तरफ जहां आज शिक्षा दान का विषय नहीं व्यवसाय का विषय बन गया तो दूसरी तरफ विद्यार्थी अब शिक्षकों को सम्मान देना बंद कर दिए हैं ।
फिर भी उन्होंने कहा कि आज भी विद्यार्थी जो वास्तविक शिक्षक होते हैं उनका सम्मान करते हैं और वे शिक्षा के क्षेत्र में आगे भी बढ़ते हैं । विद्यार्थियों के कमजोर होने की शिकायत करने वाले शिक्षक ही इस बात के दोषी होते हैं क्योंकि विद्यार्थी को मजबूत करना उनकी जिम्मेवारी होती है ।
इस मौके पर डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी पर जानकारी देते हैं उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि सर्वपल्ली ने कहा है कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान विद्यार्थियों के मस्तिष्क में भरने के लिए नहीं होते बल्कि विद्यार्थी को जीवन के विभिन्न चुनौतियों से संघर्ष करने की जानकारी देना भी शिक्षक का दायित्व है।
इस अवसर पर उनके द्वारा सोशल मीडिया और स्मार्ट मोबाइल के दुरुपयोग की वजह से विद्यार्थियों के पुस्तकों से दूर होने की बात भी कही तथा विद्यार्थियों को सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे अफवाह से बचने की बात कहते हुए मोब लिंचिंग से बचने की सलाह दी।

मौके पर राजेश कुमार के द्वारा सर्वपल्ली की जीवनी पर जानकारी दी गई । इस अवसर पर राधाकृष्णन की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई जिसमें संस्थान के प्रशिक्षक कुणाल कुमार, प्रिया राज, प्रियांशी, पूजा कुमारी , रूपेश कुमार सहित बिट्टू कुमार एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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