
गजब है! 24 साल बाद मिला 50 हजार का मुआवजा, सिस्टम पर उठे सवाल

गजब है! 24 साल बाद मिला 50 हजार का मुआवजा, सिस्टम पर उठे सवाल
शेखपुरा:
व्यवस्था की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। 24 साल पहले हुए नरसंहार के पीड़ित परिवारों को अब जाकर ₹50,000 का मुआवजा दिया गया है। यह मामला शेखपुरा जिले का है, जहां वर्ष 2001 में टाटी पुल के पास सामूहिक हत्या कांड हुआ था।
इस घटना में कुल 7 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उस समय के लालू प्रसाद यादव ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की थी। लेकिन इस घोषणा को लागू होने में सरकार को पूरे 24 साल लग गए।
शनिवार को जिला पदाधिकारी आरिफ अहसन ने गृह विभाग, बिहार सरकार के निर्देशानुसार मृतकों के परिजनों को ₹50-50 हजार का चेक सौंपा। मृतकों की पहचान इस प्रकार है:
1. अनिल कुमार उर्फ अनिल महतो (अरियरी)
2. काशीनाथ यादव (इन्दाय, शेखपुरा)
3. सिकंदर यादव (शेखपुरा)

4. अवधेश प्रसाद (शेखपुरा)
5. सूर्यदेव सिंह उर्फ कमलेश यादव (शेखपुरा)
6. महेन्द्र राउत (चेवाड़ा)
7. सचिंदानंद महतो (काशीचक, नवादा)
अब इस देरी पर जनता के बीच चर्चा का विषय यह बन गया है कि 24 साल बाद मिलने वाला ₹50,000 का मुआवजा आज की तारीख में क्या अहमियत रखता है?




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