शेखपुरा

घोटालेबाजों के लिए बन गया है दस पदाधिकारियों का जांच दल..सावधान

शेखपुरा।

जिला पदाधिकारी योगेन्द्र सिंह शेखपुरा के आदेश के आलोक में जिला में संचालित सभी योजनाओं के सफल कार्यान्वयन एवं उसका लाभ जनता तक सुलभ रूप से पहुंचाने के लिए समय-समय पर परिवेक्षण एवं निरीक्षण आवश्यक है। इससे योजनाओं का निष्पादन ससमय एवं गुणवतापूर्ण किया जा सके। इसके लिए जिला में संचालित सभी प्रकार की कल्याणकारी येजनाओं जैसे- सात निश्चय के अतर्गत हर घर नल का जल एवं पक्की गली नली, आगवाड़ी केंद्रां, जन वितरण प्रणाली की दुकानों, प्रथामिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय, ग्राम स्वराज अभियान आदि की जांच के लिए तीन सदस्यीय 10 टीमों का गठन किया गया है।

निरंजन कुमार झा, उपविकास आयुक्त, सत्य प्रकाश शर्मा, अपर समाहर्त्ता, प्रमोद कुमार राम, गोपनीय प्रभारी, शशिकांत आर्य वरीय कोषागार पदाधिकारी, संजय कुमार भुमि सुधार उप समाहर्त्ता, विजय शंकर जिला योजना पदाधिकारी, सत्येंद्र त्रिपाठी, जिला अल्प संख्यक कल्याण पदाधिकारी, नन्दकिशोर राम जिला शिक्षा पदाधिकारी, यातेन्द्र कुमार कुशवाहा जिला सहकारिता पदाधिकारी, सतीश प्रसाद सिंह डी0पी0ओ0 के नेतृत्व में अलग-अलग दस टीमों का गठन किया गया है। गठित सभी टीमों के द्वारा आज निरीक्षण कार्य किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निदेश दिया है कि निरीक्षण दल के सदस्य अपनी आवंटित पंचायत के ग्राम स्वराज अभियान-2 के कार्या का भी भौतिक स्थिति का जांच करेंगे। जांच दल सात निश्चय की योजनाओं को निम्नांकित बिन्दुओं की जांच जरूर करेंगे- 1. सामग्री का उपयोग मानक के अनुसार 2. बिचौलियों/ठेकेदारों का संबंध। 3. कार्य की गुणवत्ता एवं 4. वार्ड कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण समिति द्वारा अधिक राशि का अग्रिम रूप में भुगतान के संबंध में।

जिलाधिकारी ने कहा है कि वरीय पदाधिकारी का दायित्व होगा कि वे अपने साथ सम्मिलित सभी पदाधिकारी से ससमय सम्पर्क कर जांच की कार्रवाई को पूर्ण करते हुए आज 05ः00 बजे अपराह्न तक प्रतिवेदन देना सुनिश्चित करेंगे। जिला पंचायती राज पदाधिकारी एवं संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायत सचिव को जांच के क्रम में अभिलेख उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। जांच प्रतिवेदन के आधार पर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जायेगी।

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