
पढ़िए शहर से गांव आकर सफलता की कैसे लिखी है कहानी

पढ़िए शहर से गांव आकर सफलता की कैसे लिखी है कहानी
बरबीघा, शेखपुरा
बिहार के शेखपुरा जिले के बरबीघा प्रखंड अंतर्गत जयरामपुर थाना क्षेत्र के तेउस गांव में शिव शंकर सिंह ने सफलता की एक कहानी लिखे हैं।
पिताजी हरगोविंद सिंह सरकारी सेवा में थे। पटना में इनका रहन-सहन था । पिताजी के निधन के बाद यह गांव आ गए और यहां मत्स्य पालन को अपनाया। जहां से 8 साल की मेहनत के बाद इन्होंने सफलता की एक अलग कहानी लिख दी।
पटना से स्नातक की पढ़ाई करने के बाद जब गांव आए तो कई लोगों ने गांव में सफल होने में परेशानी गिनाई परंतु ये बाज नहीं आए और उन्होंने मत्स्य पालन एक छोटे तालाब से शुरू किया। फिर धीरे-धीरे मत्स्य पालन के क्षेत्र में सरकारी स्तर पर ही प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए नई-नई तकनीक अपनाकर मत्स्य पालन शुरू किए।

इनके द्वारा मत्स्य पालन में बायोफ्लेक्स तकनीक का सहारा भी लिया गया । जिसमें टैंक बनाकर मत्स्य पालन शुरू किया गया। वहीं सबसे नई तकनीक बायोफ्लेक्स तालाब के माध्यम से मत्स्य पालन के नई तकनीक उन्होंने अपनाया और फिर इस तरह से बड़े-बड़े आधा दर्जन तालाब बना दिए। इसमें मत्स्य के वृद्धि और विकास को लेकर प्राकृतिक रूप से बरसात कराने के लिए संयंत्र भी लगाए गए।
शिव शंकर बताते हैं कि जिलाधिकारी सावन कुमार की बेहद प्रेरणा रही जिससे प्रभावित होकर आगे बढ़े और नई तकनीक के सहारे से बेहतर सफलता पाई है। उन्होंने साफ कहा कि बिहार के लोग जो पलायन करके बाहर जाते हैं उनको इस क्षेत्र में मेहनत के साथ आगे बढ़ना चाहिए। सफलता निश्चित मिलेगी। बताया कि मत्स्य पालन में बिक्री की कोई समस्या नहीं है और उनका सारा उत्पादन अलग-अलग जिलों में बिक्री की जाती है।




Comment / Reply From
You May Also Like
Popular Posts
Newsletter
Subscribe to our mailing list to get the new updates!