• Sunday, 31 August 2025
नीलगाय से खेत को बचाने के लिए किसान कर रहे कैसे-कैसे जुगाड़

नीलगाय से खेत को बचाने के लिए किसान कर रहे कैसे-कैसे जुगाड़

stmarysbarbigha.edu.in/

नीलगाय से खेत को बचाने के लिए किसान कर रहे कैसे-कैसे जुगाड़

 

बरबीघा, शेखपुरा

 

 

 शेखपुरा जिले सहित कई जिलों में नील गायों का आतंक काफी बढ़ गया है और इसे में खेती करने वाले किसानों को तरह-तरह के उपाय अपनाकर नील गायों को भगाने और फसल को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। नील गायों के प्रभाव की वजह से जिले के कई गांव में सब्जी की खेती करना किसानों ने बंद कर दिया है अथवा सब्जी के खेत को बचाने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं। इतना ही नहीं अब नील गायों का आतंक आम की फसल पर भी देखने को मिल रहा है। और आम के टिकोले को नीलगाय के द्वारा क्षतिग्रस्त किया जा रहा है। बड़ी संख्या में नीलगाय का झुंड जब खेतों में प्रवेश कर रहा है तो भारी नुकसान हो रहा है ।

 

बरबीघा के गांव माऊर, नसरतपुर, नारायणपुर, कोइरीबीघा, रामनगर, गंगटी, कुटोत इत्यादि में इसका जबरदस्त असर देखा जा रहा है जबकि बरबीघा प्रखंड के तोय गढ़, शेरपर, तेतरपुर, पुणेसरा इत्यादि क्षेत्रों में भी नील गायों के आतंक से किसानों के द्वारा सब्जी की खेती छोड़ दी गई है।

 

 शेखोपुर सराय के पनहेसा, मोहब्बतपुर इत्यादि क्षेत्रों में नीलगाय के आतंक देखने को मिल रहा है और बेबस किसान कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में नीलगाय से अपने आम की फसल को बचाने के लिए उसे हरी जालीदार कपड़े से पेड़ को ढकने का काम भी किसान कर रहे हैं और गांव के किसान रजनीश कुमार राजीव बताते हैं कि नीलगाय के झुंड आम के पेड़ों को क्षतिग्रस्त कर दे रहा है जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है । ऐसे में बगीचे में लगे पेड़ को जाली से घेर दिया गया है ताकि खेत सुरक्षित रह सके। कई किसानों के द्वारा खेत में पुतला बनाकर नीलगाय को भगाया जाता है तो कई के द्वारा बांस अथवा तार से नीलगाय से बचाने के लिए खेत को घेर दिया जाता है। कुछ लोग खेत के चारों तरफ तार बिछाकर उसमें करंट भी प्रवाहित कर देते हैं जो कि काफी खतरनाक और जानलेवा भी होता है।

DSKSITI - Large

 

 

 वहीं नीलगायों के शिकार को लेकर भी सरकार के द्वारा अनुमति दी गई है और नील गायों के द्वारा क्षतिग्रस्त किए गए फसल को मुआवजा देने का भी प्रावधान है परंतु किसानों को नील गायों से क्षतिग्रस्त फसल का नुकसान का मुआवजा नहीं मिल पाता।

new

SRL

adarsh school

Mukesh ji

Share News with your Friends

Comment / Reply From

You May Also Like