भारत सरकार का आया बजट, बिहार की बल्ले बल्ले, मिडिल क्लास को राहत
भारत सरकार का आया बजट, बिहार की बल्ले बल्ले, मिडिल क्लास को राहत
नई दिल्ली
आज, 1 फरवरी 2025 को, भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2025-26 का केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया। इस बजट का मुख्य उद्देश्य मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ाना, समावेशी विकास को प्रोत्साहित करना, और निजी निवेश को बढ़ावा देना है, ताकि आर्थिक वृद्धि को मजबूती मिले।
प्रमुख बिंदु:
1. आयकर में राहत:
मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए, अब 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई आयकर नहीं लगेगा।
2. कृषि क्षेत्र में सुधार:
कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए एक राष्ट्रीय मिशन की घोषणा की गई है, जिसमें उच्च उपज वाली फसलों को प्रोत्साहित किया जाएगा और किसानों के लिए सब्सिडी युक्त ऋण की सीमा बढ़ाई जाएगी।
3. निजी निवेश को बढ़ावा:
बीमा क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) की सीमा बढ़ाकर 100% कर दी गई है, जिससे बीमा बाजार में गहराई और पहुंच में वृद्धि होगी।
4. हरित ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन:
ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे, जिससे पर्यावरणीय स्थिरता को समर्थन मिलेगा।
5. बिहार के लिए विशेष प्रावधान:
बिहार में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के निर्माण और मिथिलांचल में वेस्टर्न कोशी कैनाल प्रोजेक्ट के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की गई है, जिससे स्थानीय बुनियादी ढांचे और कृषि को लाभ होगा।
6. राजकोषीय घाटा:
वित्तीय अनुशासन को ध्यान में रखते हुए, राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.4% तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले वर्ष के 4.8% से कम है।
7. स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार:
अगले वर्ष मेडिकल कॉलेजों में 10,000 अतिरिक्त सीटें जोड़ी जाएंगी, और आगामी पांच वर्षों में 75,000 सीटें बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
8. शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI):
शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए 500 करोड़ रुपये की लागत से उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
9. गिग वर्कर्स के लिए समर्थन:
सरकार एक करोड़ गिग श्रमिकों की सहायता के लिए ई-श्रम पोर्टल पर पहचान पत्र और पंजीकरण की व्यवस्था करेगी, जिससे उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
10. डाक विभाग का आधुनिकीकरण:
भारतीय डाक को 1.5 लाख ग्रामीण डाकघरों के साथ एक बड़े सार्वजनिक लॉजिस्टिक संगठन में तब्दील किया जाएगा, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए उत्प्रेरक बनेगा।
इस बजट के माध्यम से सरकार ने आर्थिक विकास को गति देने, मध्यम वर्ग को राहत प्रदान करने, और समावेशी विकास को प्रोत्साहित करने के अपने संकल्प को दोहराया है।
आज, 1 फरवरी 2025 को प्रस्तुत केंद्रीय बजट में बिहार के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की गई हैं:
1. आईआईटी पटना का विस्तार: राज्य में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए, पटना स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के विस्तार की घोषणा की गई है। इससे छात्रों के लिए अधिक शैक्षणिक अवसर उपलब्ध होंगे।
2. राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान की स्थापना: बिहार में इस नए संस्थान की स्थापना से युवाओं को कौशल विकास, उद्यमिता और रोजगार के अवसर मिलेंगे, साथ ही पूर्वी भारत में खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
3. मखाना बोर्ड की स्थापना: बजट में मखाना (फॉक्स नट) के उत्पादन और विपणन को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष मखाना बोर्ड की स्थापना की घोषणा की गई है, जिससे किसानों को लाभ होगा।
4. वेस्टर्न कोशी कैनाल परियोजना के लिए वित्तीय सहायता: कोशी क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए वेस्टर्न कोशी कैनाल परियोजना को आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी, जिससे कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी।
इन पहलों से बिहार में शिक्षा, कृषि और बु
नियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी, जिससे राज्य की समग्र प्रगति में योगदान होगा।
Comment / Reply From
You May Also Like
Popular Posts
Newsletter
Subscribe to our mailing list to get the new updates!