
16 वर्ष बाद भी रेल लाइन का सपना अधर में, अब किसान और प्रशासन आमने-सामने

16 वर्ष बाद भी रेल लाइन का सपना अधर में, अब किसान और प्रशासन आमने-सामने
बरबीघा, शेखपुरा
शेखपुरा जिले के बरबीघा नगर क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के बाद मिलने वाले मुआवजा के विवाद में रेलवे लाइन का मामला अधर में लटका हुआ है । 2007 में केंद्रीय कैबिनेट में अधिसूचना के बाद शेखपुरा से बरबीघा तक रेलवे लाइन का काम पूर्ण कर लिया गया है। और रेलवे का परिचालन करा कर जांच में लिया गया परंतु बरबीघा से अस्थामा तक पड़ने वाले रेलवे लाइन का काम बरबीघा नगर में अधर में लटका हुआ है।
बरबीघा नगर के किसान 2014 के अनुसार कीमत मांग रहे हैं जबकि रेलवे के द्वारा इसमें आनाकानी की जा रही है। जिला प्रशासन में भूमि अधिग्रहण विभाग के द्वारा 2014 का मुआवजा नहीं देने का विवाद गहराता जा रहा है।
इस मामले में नारायणपुर परसोबीघा के किसान हाईकोर्ट चले गए जहां 2014 के मुआवजा देने की बात आदेश में कही गई परंतु किसानों को मुआवजा भी नहीं मिल रहा। अब स्थानीय जिला प्रशासन के द्वारा पुलिस बल प्रयोग करने की भनक जब किसानों को लगी तो किसान भड़क गए।

किसानों को 2014 के मुआवजे की राशि दिलाने के लिए संघर्ष करने वाले रंजीत कुमार ने बताया कि हाईकोर्ट के नियम का पालन भी नहीं हो रहा परंतु जोर जबरदस्ती से रेलवे लाइन का काम करने का प्रयास किया गया है। इसके लिए पत्र भी जारी कर दिया गया है । यह किसान होने नहीं देंगे। किसानों को उचित मुआवजा मिलना ही चाहिए। इसके लिए किसान संघर्ष करने के लिए भी तैयार हैं।
इसी को देखते हुए एक बैठक और परसोबीघा में की गई और संघर्ष की रणनीति पर विचार-विमर्श भी किया गया।




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