डीएम ने खुद खाया एमडीएम, चखकर परखी बच्चों के भोजन की गुणवत्ता
डीएम ने खुद खाया एमडीएम, चखकर परखी बच्चों के भोजन की गुणवत्ता
शेखपुरा।
बच्चों को परोसे जाने वाले एमडीएम की गुणवत्ता जांचने बुधवार को जिलाधिकारी शेखर आनंद खुद केंद्रीय रसोई पहुंचे। उन्होंने रसोई में तैयार चावल और चना-आलू के छोले का भोजन स्वयं खाया और स्वाद के साथ उसकी गुणवत्ता परखी। इसके बाद रसोईघर की साफ-सफाई, भोजन बनाने की प्रक्रिया और खाद्यान्न के रखरखाव की जांच की।
निरीक्षण लखीसराय स्थित टाटा मोटर्स के समीप नीरपुर में संचालित केंद्रीय रसोईघर से शुरू हुआ। डीएम ने भोजन तैयार करने वाले कर्मियों की स्वच्छता और रसोई परिसर की साफ-सफाई का निरीक्षण किया। उन्होंने रसोईघर में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की।
डीएम ने रसोई में लगे बॉयलर सिस्टम की कार्यक्षमता देखी और खाद्यान्न के रखरखाव की जानकारी ली। इस दौरान स्टॉक पंजी की भी बारीकी से जांच की गई। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि इस केंद्रीय रसोईघर से शेखपुरा जिले के 113 विद्यालयों में प्रतिदिन एमडीएम की आपूर्ति की जाती है।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को एमडीएम की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यालयों और भोजन की आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्था की नियमित जांच करने को कहा, ताकि बच्चों को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके। निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित शिक्षा विभाग के कई वरीय अधिकारी और कार्य एजेंसी के कर्मी मौजूद थे।
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