2015 से फर्जी बीएड डिग्री पर नौकरी, श्रवण विकलांग शिक्षक गिरफ्तार
2015 से फर्जी बीएड डिग्री पर नौकरी, श्रवण विकलांग शिक्षक गिरफ्तार
शेखपुरा
फर्जी बीएड डिग्री के सहारे शिक्षक की नौकरी हासिल करने के आरोप में रामरायपुर उत्क्रमित उच्चतर विद्यालय के गणित शिक्षक कुमार हरेराम को जमुई पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी उस वक्त हुई, जब वे जिला स्तरीय प्रतियोगिता में अपने विद्यालय के विद्यार्थियों को लेकर अभ्यास मध्य विद्यालय पहुंचे थे।
कुमार हरेराम मूल रूप से जिले के भदौस गांव के रहने वाले हैं। वे पहले जमुई जिले में पदस्थापित थे। कुछ माह पूर्व अंतरजिला स्थानांतरण के तहत उनका तबादला शेखपुरा के रामरायपुर विद्यालय में हुआ था।
शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, जमुई में पदस्थापन के दौरान उनके बीएड प्रमाणपत्र को लेकर निगरानी विभाग ने जांच की थी। जांच में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से जारी बताया गया बीएड प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद जमुई में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
इसी मामले में कार्रवाई करते हुए जमुई से पहुंची पुलिस टीम ने सोमवार को उन्हें दबोच लिया। प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद विद्यालय लौटने के दौरान पुलिस ने शिक्षक को गिरफ्तार किया। शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद विभागीय स्तर पर भी मामले को लेकर हलचल तेज हो गई है।
फर्जी बीएड डिग्री से शिक्षक बना, जांच में खुली पोल
फर्जी बीएड डिग्री के आधार पर शिक्षक की नौकरी हासिल करने के आरोप में गिरफ्तार कुमार हरेराम के मामले में निगरानी जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। निगरानी विभाग के पत्रांक 1472, दिनांक 20 मार्च 2026 के अनुसार, कार्रवाई पटना हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका संख्या सीडब्ल्यूजेसी 15459/14 के आलोक में चल रही निगरानी जांच संख्या बीएस 08/15 के तहत की गई।
जमुई जिले में नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच के दौरान हरेराम की बीएड डिग्री सत्यापन के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय भेजी गई थी। अंकपत्र पर रोल नंबर 263917, ई. नंबर बीयू 09/00511, वर्ष 2014 में 752 अंक और प्रथम श्रेणी दर्ज थी। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक से प्राप्त सत्यापन रिपोर्ट में प्रमाणपत्र को फर्जी बताया गया।
2015 में इसी डिग्री से मिली नौकरी
सिरारी-भदौस निवासी कुमार हरेराम ने वर्ष 2015 में जिला परिषद माध्यमिक शिक्षक नियोजन के लिए जमुई में आवेदन किया था। इसके बाद अनारक्षित कोटि में श्रवण विकलांग चयनित कोटि के तहत प्रशिक्षित गणित शिक्षक के रूप में उनका नियोजन हुआ।
निगरानी के अनुसार, हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित एमनेस्टी अवधि में भी उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया। खैरा थाने में कांड संख्या 107/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज है। इसमें धारा 420, 467, 468, 471 और 120(बी) लगाई गई है। थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच चल रही है।
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