
ओडीशा रेल हादसा: मौत के बाद ना लाश मिली और ना ही मुआवजा के आसार

ओडीशा रेल हादसा: मौत के बाद ना लाश मिली और ना ही मुआवजा के आसार
शेखपुरा
पिछले सप्ताह उड़ीसा के बालासोर में कोरोमंडल एक्सप्रेस सहित तीन ट्रेनों के बीच हुए हादसे में शेखपुरा का भी एक लाल अपनी जान गंवा बैठे । उसी के भरोसे उसका पूरा परिवार चलता था। मृतक परिवार जिले के रेवता गांव निवासी लाल महतो के 24 वर्षीय पुत्र सिंटू कुमार थे।
अब 5 जून को रेलवे के द्वारा परिवार वालों को मोबाइल पर सूचना दी गई कि आप बॉडी लेने के लिए आ जाइए। दूरी होने की वजह से लोग 6 जून को बॉडी लेने के लिए गए तो पता चला कि भुनेश्वर एम्स से कोई और उनके बॉडी को लेकर चला गया है।
ऐसे में परिवार वालों को बॉडी भी नहीं मिली। अब परिवार वाले परेशानी में हैं। ऐसे में जब वहां शिकायत की गई तो डीएनए लिया गया है ।

इस संबंध में जानकारी देते हुए पीड़ित परिवार के भाई मंटू कुमार ने बताया कि जो बॉडी ले गया है उसका भी DNA लिया गया है और मेरा भी डीएनए लिया गया है।
रेलवे का कहना है कि डीएनए जिसका मैच करेगा उसको मुआवजा दिया जाएगा। बताया जाता है कि वह चेन्नई में काम करने के लिए कोरोमंडल एक्सप्रेस से जा रहे थे । तभी रेल हादसे में उनका निधन हो गया । लाश की पहचान शालीमार रेलवे स्टेशन पर टिकट कटाने के दौरान वीडियो सीसीटीवी फुटेज से हुआ है। कपड़ा और पेंट से पहचान किया गया परंतु लाश को दूसरे लोग ने अपना बता कर ले लिया। इससे परिवार के लोग परेशानी में हैं । लाश भी नहीं मिल सका ताकि श्राद्ध क्रम हो सके और दूसरी तरफ मुआवजे पर भी आफत हो गई है।




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