
बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल न करने पर हो सकती है सजा

बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल न करने पर हो सकती है सजा
शेखपुरा से विशेष संवाददाता
शेखपुरा जिले में जिला प्रशासन द्वारा वरिष्ठ नागरिकों और माता-पिता की देखभाल को लेकर एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है। सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए पोस्टर और बैनरों के जरिए यह संदेश दिया जा रहा है कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की अनदेखी करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
कानूनी प्रावधानों का हवाला
समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत "माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007" और "नियमावली 2012" के तहत स्पष्ट किया गया है कि 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हर बुजुर्ग भरण-पोषण के हकदार हैं।
पोस्टर में बताया गया है कि:
संतान (बेटे, बेटियों, पोते, पोतियों और दामाद-बहू) बुजुर्ग माता-पिता के भरण-पोषण और देखभाल के लिए जिम्मेदार हैं।
यदि कोई संतान अपने माता-पिता की उपेक्षा करती है, तो उन्हें प्रति माह अधिकतम ₹10,000 भरण-पोषण भत्ता देना होगा।
उपेक्षा या दुर्व्यवहार करने पर कानूनी कार्रवाई के तहत जेल की सजा हो सकती है।

सम्पर्क हेल्पलाइन नंबर जारी
वरिष्ठ नागरिकों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 14567 जारी किया गया है। इसके माध्यम से बुजुर्ग किसी भी प्रकार की समस्या के लिए सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
जिला प्रशासन का संदेश
जिला समाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक ने कहा कि माता-पिता और बुजुर्गों के अधिकार सुनिश्चित करना हमारी नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है। प्रशासन द्वारा पोस्टर के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
आवश्यकता है जागरूकता की
यह पहल बुजुर्गों की सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। जिला प्रशासन की यह कोशिश परिवार और समाज में बुजुर्गों की स्थिति को मजबूत करेगी।




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