
भाकपा माले ने निकाला जनसंवाद यात्रा, ये होगा काम

भाकपा माले ने निकाला जनसंवाद यात्रा, ये होगा काम
शेखपुरा
भाकपा माले ने फरवरी माह में हुए राष्ट्रीय महाधिवेशन का संदेश जन जन तक पहुंचने के लिए लोकतंत्र बचाओ जनसंवाद अभियान शुरू किया है। यह अभियान पूरे देश में भगत सिंह के शहादत दिवस 23 मार्च से शुरू किया गया है। और भाकपा माले की स्थापना दिवस 22 मार्च को जनसंवाद अभियान का समापन किया जाएगा।
इस राष्ट्रव्यापी जनसंवाद कार्यक्रम के तहत अरियरी प्रखंड के हजरातपुर मड़रो पंचायत के विभिन्न गांवों– वृंदावन, चांदी, रंका, रौंदी, उसरी, करकी, लालू बीघा, तोड़ल विघा, पथरैटा, मड़रो आदि गांवों में नेताओं ने ग्रामीण जनता से जनसंवाद किया। इस जनसंवाद यात्रा में माले जिला सचिव विजय कुमार विजय, प्रखंड सचिव कमलेश कुमार मानव, जिला कमिटी सदस्य कमलेश प्रसाद, राजेश कुमार राय, पार्टी नेता दिलकेशर मांझी, मिस्टर मांझी, रामदेव रविदास, सरबिला देवी, तेतरी देवी, रिंकू देवी, गौरी देवी, कारी देवी चल रहे थे।
विभिन्न गांवों में जनता के साथ बैठकर नेताओं ने उनकी समस्याओं को सुना। मड़रो, वृंदावन और चांदी गांव की जनता ने चांदी पहाड़ से होने वाली समस्या को मुखर होकर रखा। लोगों ने बताया कि पहाड़ तोड़ने में कंपनियों की मनमानी से आस पास के गांवों का पर्यावरण बेहद दूषित हो गया है जिससे सैकड़ों परिवार में स्वांस की बीमारी से पीड़ित हैं।

दर्जनों घरों की दीवार में दरारें आ गई हैं। आस पास के बोरिंग सुख चुका है। किसानों के पटवन के साधन मात्र एक पैन है उसे भी भरकर कंपनी द्वारा सड़क बना दिया गया है। माले नेताओं ने बताया कि कंपनी के इस जनविरोधी रवैया पर अगर जिला प्रशासन रोक नहीं लगती है तो माले द्वारा एक बड़ा संघर्ष किया जाएगा।
नेताओं ने कहा कि पंचायत के अंदर बड़े पैमाने पर प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीबों के नाम गायब है। किसानों को मिलने वाली सुखाड़ इनपुट राशि अब तक सभी किसानों को नहीं मिल सकी है। केंद्र की भाजपा सरकार एक तरफ अडानी का अरबों रुपया माफ कर दी जा रही है दूसरी तरफ किसानों को केसीसी लोन के लिए किसानों को नोटिस भेजा जा रहा है। नेताओं ने कहा कि अरियरी प्रखंड में अभी तक पैक्स द्वारा गेहूं खरीद शुरू भी नहीं किया गया है।
इस अवसर पर जिला सचिव विजय कुमार विजय ने बताया कि आज पूरा देश भाजपा की लूट–झूठ, हिंसा–घृणा,बेरोजगारी–महंगाई के बोझ तले कराह रहा है। झूठे वादों के सहारे सत्ता में आई भाजपा सरकार लोगों के हाथ से रोजगार, मुंह से रोटी और सिर से छत छीन रही है। कृषि लागत महंगा और किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य गायब है। उन्होंने कहा कि अडानी–अंबानी जैसे पूंजीपतियों को देश के तमाम परिसंपत्तियों, संसाधनों, जल, जंगल, जमीन, खाद्यान्न, रेल, सड़कें, हवाई अड्डे, बैंक, एलआईसी और सब कुछ का मालिक बनाया जा रहा है। अडानी महाघोटाला में शामिल भाजपा जेपीसी (संयुक्त संसदीय कमिटी) की जांच से भाग रही है।




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