
हिंदुस्तान उर्वरक में 80 लाख के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश: स्टेट हेड अरुणी कुमार की टीम ने बचाई साख

हिंदुस्तान उर्वरक में 80 लाख के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश: स्टेट हेड अरुणी कुमार की टीम ने बचाई साख
लखनऊ/रायबरेली, उत्तर प्रदेश
हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (HURL) में एक बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है, जिसमें वर्ष 2022 से 2024 के बीच करीब 80 लाख रुपये की अनियमितताएं सामने आई हैं। इस घोटाले का पर्दाफाश कंपनी के स्टेट हेड अरुणी कुमार, उत्तर प्रदेश-1 के स्टेट हेड धीरज कुमार मिश्रा, और डिप्टी मैनेजर अवधेश सिंह ने मिलकर किया।
वर्ष 2024 के अप्रैल में उत्तर प्रदेश के स्टेट हेड का कार्यभार संभालने के बाद अरुणी कुमार ने यूरिया वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु एक नई प्रणाली लागू की। इस प्रणाली की जानकारी रायबरेली के विपणन अधिकारी द्वारा डीलरों तक न पहुँचाए जाने और रिश्वत लेकर यूरिया वितरण की शिकायतें मिलने पर, कंपनी ने जांच शुरू की।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एक जांच समिति गठित की गई, जिसमें पाया गया कि विपणन अधिकारी ने नए डीलर नियुक्ति, SAP कोड जनरेशन, यूरिया के प्रति बैग पर अतिरिक्त पैसे वसूली, और कंपनी द्वारा जारी क्रेडिट नोट को नगद में वसूलने जैसे गंभीर अनियमित कार्य किए थे।
जांच रिपोर्ट के आधार पर विपणन अधिकारी से जवाब तलब किया गया। जब उसे डीलरों की लिखित शिकायतों की जानकारी हुई, तो उसने लखनऊ कार्यालय में अरुणी कुमार को 10 लाख रुपये रिश्वत देने का प्रयास किया, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। साथ ही, उन्होंने 13 लाख रुपये की अवैध वसूली की धनराशि भी वापिस कराई, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई।
इसके बाद विपणन अधिकारी को निलंबित कर मुख्यालय तलब किया गया। वहाँ उसने अपने बयानों से पलटी मारी, परंतु आंतरिक जांच में दोषी पाए जाने पर चार्जशीट दायर की गई।

विपणन अधिकारी ने इसके बाद फर्रुखाबाद स्थित अपने पारिवारिक सदस्यों के माध्यम से झूठे आरोपों का सहारा लेते हुए अखबारों में मानहानिकारक खबरें छपवाईं और कोर्ट में भी झूठा मुकदमा दर्ज कराया, जिसे प्राथमिक जांच में ही निराधार पाया गया।
सूत्रों के अनुसार, यह अधिकारी पूर्व में डेल्टा एग्रीजेनेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड में भी इसी प्रकार की अनियमितताओं और झूठे आरोपों के लिए कुख्यात रहा है।
अरुणी कुमार की छवि एक सच्चे, ईमानदार और निष्ठावान अधिकारी की रही है, जिन्होंने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में अपनी सेवाएं दी हैं। उनकी टीम के अन्य सदस्य धीरज कुमार मिश्रा और अवधेश सिंह भी अपने-अपने क्षेत्रों में ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए पहचाने जाते हैं।
HURL में इस साहसिक कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि ईमानदार नेतृत्व और सही निर्णयों से किसी भी संस्थान की साख को बचाया जा सकता है।




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