
बिहार की राजनीति में उलट-पुलट, एनडीए के साथ नीतीश कुमार के जाने की चर्चा

बिहार की राजनीति में उलट-पुलट, एनडीए के साथ नीतीश कुमार के जाने की चर्चा
पटना
बिहार की राजनीति में उलट पुलट की स्थिति शुक्रवार को और भी गहरा गई। गणतंत्र दिवस समारोह के मंच पर नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव की तल्खी सामने आई। दोनों एक दूसरे के तरफ देखा तक नहीं। कुर्सी भी एक बगल में खाली रह गई ।
उधर, राज्यपाल के आवास पर चाय पार्टी में भी तल्खी खुलकर सामने आई। यहां तेजस्वी यादव को भी निमंत्रण था पर वह नहीं पहुंचे। नीतीश कुमार के बगल में तेजस्वी यादव की कुर्सी लगी हुई थी जिस पर बिहार के भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी के बैठने की भी चर्चा खूब हो रही है ।
उधर , राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने तल्खी भरे लहजे में कहा कि नीतीश कुमार को स्पष्ट करना चाहिए की स्थिति क्या है। हम लोगों की तरफ से अभी कोई बयान नहीं दिया जा रहा।
उधर, इस सब मामले में कई तरह की बातें सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल की बैठक शनिवार को होनी है। सांसदों को भी बुलाया गया है । सम्राट चौधरी भी दिल्ली से लौटकर आ गए हैं । उन्होंने प्रेस वार्ता में टाल मटोल में अपनी बात को रखी है। जबकि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के सुर बदल गए। सुशील मोदी ने कहा कि बंद दरवाजा राजनीति के हिसाब से खुलता रहता है। जबकि नीतीश कुमार के मुखर विरोधी गिरिराज सिंह ने भी कहा कि वह एक कार्यकर्ता है। केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय का सम्मान करेंगे।

इस सबके बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी माले के द्वारा एक बयान आ गया जिसमें कहा गया कि हम पार्टी के संपर्क में हुए लोग हैं। जीतन राम मांझी और उनके पुत्र संतोष मांझी ने साफ किया कि वह किसी भी कीमत पर एनडीए के ही साथ रहेंगे।
उधर , मीडिया में कांग्रेस पार्टी के 10 विधायकों के भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से संपर्क में रहने की भी खबर शाम से तैरती रही । जबकि जदयू के भी सात विधायकों के राष्ट्रीय जनता दल के संपर्क में रहने की खबर मीडिया रिपोर्ट में तैरती रही। हालांकि यह सब की सच्चाई को लेकर कहीं से कोई तथ्य पूर्ण बातें नहीं आई। दिन भर मीडिया रिपोर्ट में तरह-तरह की बातें चलती रही।
यह भी कहा जा रहा है कि जल्द ही नीतीश कुमार अगले मंत्रिमंडल के गठन का शपथ लेंगे। इस बात का समर्थन बख्तियारपुर से भाजपा के विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने भी पुष्टि की। कहा कि 28 जनवरी को नीतीश कुमार नई सरकार का गठन करेंगे। कुल मिलाकर बिहार की राजनीति में काफी उथल-पुथल है। दिन भर चौपाल में इसी बात की चर्चा होती रही है।




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