125 में जयंती पर श्रद्धापूर्वक याद किए गए बरबीघा के दधीचि लाला बाबू
125 में जयंती पर श्रद्धापूर्वक याद किए गए बरबीघा के दधीचि लाला बाबू
बरबीघा, शेखपुरा
बरबीघा सहित पुराने मुंगेर के दर्जनों शैक्षणिक संस्थाओं के संस्थापक स्वतंत्रता सेनानी बरबीघा के पहले विधायक रहे श्री कृष्ण मोहन प्यारे सिंह उर्फ लाला बाबू की 125 में जयंती बरबीघा में धूमधाम से मनाई गई। कई जगहों पर समारोह हुआ । प्रमुख समारोह बरबीघा के श्री कृष्ण राम रुचि कॉलेज में हुआ।
इस कॉलेज की भी स्थापना उन्होंने की थी । समारोह के अवसर पर केसरी नामक पत्रिका का भी लोकार्पण किया गया। लाल बाबू की प्रतिमा पर हवन पूजन भी किया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुंगेर विश्वविद्यालय के कुल सचिव प्रोफेसर डॉक्टर घनश्याम राय, आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ सहजानंद सिंह तथा जमालपुर महाविद्यालय के प्राचार्य देवराज सुमन रहे।
मौके पर बड़ी संख्या में अतिथियों की उपस्थिति रही । जबकि इस कॉलेज से सेवानिवृत हुए कई पुराने लोगों को भी जयंती समारोह में विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में बोलते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर प्रोफेसर संजय कुमार ने कहा कि लाला बाबू ने कहा था कि हमारी मौत पर हमारी लाश को भले कुत्ते नोच कर खा जाएं, परंतु हमारे द्वारा स्थापित संस्था को कुछ नहीं होना चाहिए। इसीलिए आज से इस संस्था के विकास में सभी का सहयोग आवश्यक है।
मौके पर पूर्व प्रचारक डॉ रामविलास प्रसाद सिंह ने कहा कि वर्तमान प्राचार्य के द्वारा कम समय में ही कॉलेज का कायाकल्प किया जा रहा है। यह काफी सराहनीय है। वहीं बोलते हुए प्रोफेसर डा भावेश चंद्र पांडेय ने कहा कि आज समाज में सरोकार की कमी हुई है। लाला बाबू समाज के लिए जीते थे। इसी क्रम में बोलते हुए जेपी सेनानी शिवकुमार ने कहा कि लाला बाबू का जीवन गांधीवाद का जीवन था और वह अपने लिए कुछ नहीं कर पाए। समाज के लिए सब कुछ न्योछावर कर दिया। इस समारोह में डॉक्टर मुनेश्वर प्रसाद सिंह, डॉक्टर कृष्ण मुरारी प्रसाद सिंह, प्रोफेसर सुधीर मोहन शर्मा, डॉक्टर फैजल अरशद, डॉ वीरेंद्र पांडे, प्रोफेसर डॉ उपेन्द्र दास इत्यादि की उपस्थिति रही । मंच संचालन संतोष कुमार के द्वारा किया गया।
Comment / Reply From
You May Also Like
Popular Posts
Newsletter
Subscribe to our mailing list to get the new updates!