
बिहार में जामताड़ा इफेक्ट: 5 जिला बना साइबर अपराधियों का बड़ा अड्डा

बिहार में जामताड़ा इफेक्ट: 5 जिला बना साइबर अपराधियों का बड़ा अड्डा
न्यूज़ डेस्क, पटना
बिहार में भी झारखंड के जामताड़ा के तर्ज पर साइबर अपराधियों का जाल फैल गया है। साइबर अपराधियों के इसी जाल को तोड़ने में बिहार पुलिस लगातार लगी हुई है। परंतु बिहार के 5 जिलों में साइबर अपराधियों की सक्रियता सर्वाधिक है। बिहार में साइबर अपराध के इस मामले को लेकर आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी नैयर हसनैन खान ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि कोरोना के बाद साइबर अपराध के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है। 2021 में 1560 मामले साइबर अपराध से जुड़े दर्ज किए गए थे जबकि 2022 में इसकी संख्या 2400 हो गई है।
बिहार राज्य के शेखपुरा, नालंदा, गया, नवादा और पटना जिला अपराधियों का बड़ा अड्डा है और यहां साइबर अपराध के सर्वाधिक मामले सामने आते हैं। इसके अलावा मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, बेतिया और जमुई भी साइबर अपराधियों का अड्डा बनता जा रहा है यहां भी सक्रियता देखी जाती है।
पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि साइबर अपराध को रोकने के लिए पटना में मुख्यालय में साइबर क्राइम लैब बना हुआ है। अन्य जिलों में भी इस तरह के यूनिट बनाए गए हैं।
पुलिस के अधिकारी ने बताया कि साइबर अपराधी के द्वारा लगातार साइबर अपराध करने के तरीकों को बदला जा रहा है। रजिस्ट्री के दस्तावेज से अंगूठे का निशान लेकर पूर्णिया में बायोमेट्रिक की कॉपी करते हुए खाता से पैसा निकासी का ताजा मामला एक बड़ी चुनौती है।

1930 डायल करके पुलिस से करिए साइबर अपराध की शिकायत
साइबर अपराध की शिकायत को लेकर साइबर क्राइम से जुड़ी शिकायतों के निपटारे के लिए 24 घंटा काम करने वाला 1930 नंबर जारी कर दिया गया है । 26 फरवरी से यह सक्रिय हो जाएगा।




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