
जातीय गणना में पिछड़ा और अति पिछड़ा का सड़क पर आंदोलन, आंकड़े में पकड़ी गई गड़बड़ी

जातीय गणना में पिछड़ा और अति पिछड़ा का सड़क पर आंदोलन, आंकड़े में पकड़ी गई गड़बड़ी
शेखपुरा
जाति गणना का मामला में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा । एक तरफ जहां अनुसूचित जाति में चिराग पासवान ने मोर्चा खोलकर जाति गणना में गड़बड़ी का आरोप लगाया है तो दूसरी तरफ राष्ट्रीय लोक जनता दल के द्वारा इसको लेकर आंदोलन किया गया ।
शेखपुरा में बुधवार को किए गए आंदोलन में बड़ी संख्या में पिछड़ा और अति पिछड़ा समाज के लोग शामिल हुए और जाति के गणना में गड़बड़ी का आरोप लगाया। इस गड़बड़ी के आरोप में तथ्य भी दिए गए और आंकड़ा में बताया गया की गड़बड़ी हुई है । इसके द्वारा जांच की मांग भी की गई । इसको लेकर धरना भी समाहारणाय के आगे में दिया गया।
इस धारणा में पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राहुल कुमार ने नेतृत्व किया। उन्होंने बताया कि जाति के गणना में राजनीतिक लाभ लेने के लिए आंकड़ों से छेड़छाड़ किया गया है। इससे पहले सड़क पर जुलूस निकाल कर नारेबाजी की गई। धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में पार्टी के नेता जिला अध्यक्ष पप्पू मंडल, प्रेम गुप्ता, विपिन चौरसिया इत्यादि की भी भागीदारी।
इसको लेकर राज्यपाल को एक ज्ञापन भी यहां के अधिकारियों के माध्यम से दिया गया। इसमें कहा गया कि
सामाजिक-आर्थिक सर्वे के पहले चरण के जारी जातिगत आंकड़ों में कई तरह की विसंगतियां है। जाति आधारित गणना कि रिपोर्ट में बहेलिया, चंद्रवंशी (कहार) जाति और माली (मालाकार) जातियों जो सख्या बताई गयी है वह इथनोग्राफी अध्ययन से कम है। इन तीनों जातियों का इथनोग्राफी अध्ययन भी सामान्य प्रशासन की ओर से कराया गया है।

इथनोग्राफी रिपोर्ट ए एन सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान, पटना द्वारा किया गया है। इथनोग्राफी रिपोर्ट के अनुसार
बहेलिया जाति की संख्या 67,535 है, जबकि जाति गणना में इसकी संख्या 3026 बलाई गई है।
इसी तरह से कहार की संख्या इथनोग्राफी रिपोर्ट में 30,32,800 बताई गई है जबकि जाति गणना में इनकी संख्या सिर्फ 2155,644 बताई गई है।
वहीं, माली की संख्या इथनोग्राफी रिपोर्ट में 1315465 बताई गई है जबकि जाति गणना में इनकी संख्या सिर्फ 339285 ही बताया है।




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