• Sunday, 31 August 2025
आशा को इस काम के लिए दिया गया ट्रेनिंग, घर घर जाएगी आशा

आशा को इस काम के लिए दिया गया ट्रेनिंग, घर घर जाएगी आशा

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आशा को इस काम के लिए दिया गया ट्रेनिंग, घर घर जाएगी आशा

 

शेखपुरा

 

सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के के द्वारा पारा मेडिकल संस्थान शेखपुरा में आशा का एमसीडी मोबाइल ऐप का प्रशिक्षण आयोजन किया गया इसके लिए राज्य स्तर से संजीव कुमार , मृत्युंजय कुमार एवं विश्वेश्वर शर्मा का प्रशिक्षण के रूप में भेजा गया है। उक्त प्रशिक्षण में आशा वर्करों को बताया गया कि कैसे एप के माध्यम से आगामी कार्य करना है। बता दें कि सरकार की तरफ से एनसीडी कार्यक्रम चलाया हुआ है। इसके बाद से शुगर, ब्लड प्रेशर, कैंसर, मुंह का कैंसर सहित अन्य रोगों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए इस एप के माध्यम से आशा वर्कर गांव में अभियान चलाते हुए डाटा एप पर एकत्रित करेंगी। फार्म एप पर भरा जाएगा। 

 

 

अगर कोई मरीज बीमारी से पीड़ित है, इससे संबंधित डाटा आशा के द्वारा अप में भरने के बाद सिंक करने के पश्चात संबंधित एएनएम के लॉगिन आईडी में चला जाएगा एएनएम के द्वारा स्क्रीनिंग की जाएगी जिसमें डायबिटीज हाइपरटेंशन की जांच एवं कैंसर से संबंधित स्पिनिंग की जाएगी उसे इलाज के लिए अस्पताल में रेफर किया जा सकता है।

 

 

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 मरीजों के बारे में स्क्रीनिग की जानी है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। किस घर में कौन-सा व्यक्ति बीमारी से पीड़ित है और कब से बीमार है, इस बारे में जानकारी आशा वर्कर जुटाएंगे और एनसीडी एप पर उनका डाटा एकत्रित किया जाएगा। उसे संबंध में गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉक्टर नौशाद आलम ने बताया कि सरकार के द्वारा कैंसर संभावित लक्षण वाले व्यक्ति को उपचार हेतु रेफरल पॉलिसी के तहत सदर अस्पताल से के द्वारा रेफर होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर मुजफ्फरपुर रेफर किया जाएगा नि:शुल्क उपचार किया जाएगा किया जाएगा एवं बिहार सरकार एवं मेदांता अस्पताल पटना के द्वारा एकरनामा के तहत भी काम आए वाले व्यक्ति का निशुल्क इलाज मेदांता अस्पताल में भी किया जाता है इसके लिए नजदीकी मेडिकल कॉलेज से रेफरल करना अनिवार्य होगा मौके पर प्रभाष पांडे एफएलसी ने बताया कि एनसीडी के तहत लोगों के शुगर, बीपी की जांच की जाती है।

 

 

 जिसका मुख्य उद्देश्य है लोगों का अनावश्यक खर्च स्वास्थ्य के प्रति कम से कम हो इसके लिए गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉक्टर नौशाद आलम ने बताया कि लोग बीमारियों को छुपाने के बजाय इलाज को लेकर आगे आएं। अगर किसी व्यक्ति में किसी बीमारी से संबंधित कोई लक्षण नजर आते हैं तो उसकी जांच करवाएं। इलाज को लेकर बरती गई लापरवाही बड़ा कारण ब्रेन हेमरेज हृदयघात पैरालिसिस के रूप में हो जाता है। उक्त प्रशिक्षण में भाग लेने वाली सभी आशा को प्रशस्ति पत्र भी दिया गया

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