• Tuesday, 06 December 2022
झरझरिया गाड़ी ने क्यों ट्रक में सामने से मारी टक्कर: ग्राउंड जीरो से

झरझरिया गाड़ी ने क्यों ट्रक में सामने से मारी टक्कर: ग्राउंड जीरो से

झरझरिया गाड़ी ने क्यों ट्रक में सामने से मारी टक्कर: ग्राउंड जीरो से 

 

घटनास्थल, हरगांवा से लाइव (सारे, नालंदा)

 

राष्ट्रीय राजमार्ग 82 बिहारशरीफ, बरबीघा, सरमेरा, मोकामा काफी व्यस्त सड़क है। इस सड़क पर शनिवार की शाम तेज रफ्तार जुगाड़ गाड़ी झरझरिया और तेज रफ्तार हाइवा ट्रक के बीच टक्कर हुई है। इस ट्रक और झरझरिया गाड़ी के बीच टक्कर की कहानी दबी जवानी कुछ और ही कही जाती है । कुछ सच को दवा लिया जा रहा है तो सच कुछ सामने भी आ रहा है। यहां 2 लोगों की मौत के बाद लोगों ने सड़क जाम भी किया और आधी रात तक पुलिस को जाम खत्म कराने में मशक्कत भी करनी पड़ी। 1 दर्जन से अधिक गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए और काफी अफरातफरी रही।

दरअसल तेज रफ्तार झरझरिया गाड़ी बरबीघा की ओर जा रही थी और बरबीघा से विपरीत दिशा में जा रहे ट्रक ने दाहिनी तरफ जाकर उसने टक्कर मारी है। इस हादसे में दो युवकों की मौत हुई है । 4 जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं। एक चालक जो झरझरिया चला रहा था उसे पटना रेफर कर दिया गया है । उसकी स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है।

 

 

मौके पर प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो यह हादसा जब हुआ तो इसमें झरझरिया ने जब ट्रक में टक्कर मारी तो 20 फीट से भी अधिक ऊपर वह उछल गया और उस पर सभी सवार लोग सड़कों पर गिर पड़े। गिरने के बाद कोई उठने की स्थिति में नहीं था। एक युवक किसी तरह थोड़ा होश में था जिसने अपना घर सिंडाय बताया।

 

 

इसमें दुलार पासवान और विजय पासवान की मौत हुई है। मौके पर खून ही खून बिखरा हुआ है। मृतकों के चप्पल वहीं सड़क के किनारे बिखरे हुए हैं। मौके पर लोगों की भीड़ भी लगी हुई है और लोग इस हादसे की चर्चा कर रहे हैं।

 

सबसे बड़ी बात यह कि इस पूरे हादसे में सभी लोग बरबीघा नगर के ही ब्रह्मपुरा गांव से लौटकर आ रहे थे। इस बात की खूब चर्चा हो रही है कि गांव से लगातार यह लोग जुगाड़ गाड़ी पर सवार होकर ब्रह्मपुरा जाते थे और वहां से लौट कर आते थे। इस गांव में जाने और लौट कर आने के कहानी के बीच के सच को भी छुपा लिया जा रहा है।

 

 

देसी शराब का बड़ा अड्डा बन गया है ब्रह्मपुरा गांव

 

जयरामपुर थाना के ठीक पीछे बसा हुआ है ब्रह्मपुरा गांव । इस गांव में देसी शराब बनाने, बेचने और बाहर से लाकर बेचने का बड़ा अड्डा बन गया है। 1 दर्जन से अधिक परिवार के लोग इस काम में लगे हुए रहते हैं। इसी देसी शराब के अड्डे की कहानी दुर्घटना की कहानी से कड़ी दर कड़ी जुड़ता है। उत्पाद विभाग की टीम ने शनिवार की रात्रि यहां से 3 लोगों को पकड़ा है। शराब के मामले में सभी की गिरफ्तारी हुई है। लोग बताते हैं कि बरबीघा थाना के कुछ ही दूरी पर बसे नारायणपुर गांव शराब का सबसे बड़ा अड्डा है । बरबीघा के इस शराब के अड्डे को ब्रह्मपुरा का शराब का अड्डा धीरे-धीरे कंपटीशन देने लगा है। जयरामपुर थाना के पीछे ही यह गांव बसा हुआ है। आज तक यहां कोई बड़ी छापेमारी नहीं हुई है और यहां के लोगों की गिरफ्तारी भी नहीं हुई है । ऐसे में कई सवाल उठना लाजिमी है।

 

जुगाड़ गाड़ी पर नहीं लागू होता है कोई कानून 

 

बिहार की सड़कों पर जुगाड़ गाड़ी खूब दौड़ती है । जुगाड़ गाड़ी को सामान लाने ले जाने में प्रयोग करना उपयोगी हो सकता है परंतु आदमी को भी लाने ले जाने में भी इसका उपयोग हो रहा है । इसमें ब्रेक भी सही से नहीं लगता और ना ही सड़कों पर संतुलन रहता है । लाइट की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती है । ऐसे में इसे मौत का वाहन भी कहा जाता है। इस जुगाड़ गाड़ी से लोगों का आना जाना अब आम बात है और दुर्घटनाएं भी इसमें होने लगी है वही हाईवे पर यह दुर्घटना कितना खतरनाक हुआ इसे समझ सकते हैं।

 

 

 

टोल्ड टैक्स वसूली पर सुविधा जीरो 

 

यह हाईवे एनएच 82 टोल टैक्स रोड है। बरबीघा से निकलते ही सरमेरा से पहले टोल लगता है । आने जाने वाले वाहनों से टोल प्लाजा पर टोल वसूली की जाती है परंतु इस नेशनल हाईवे पर सुविधा नदारद है। बताया जाता है कि टोल टैक्स के सड़क पर कंपनी के द्वारा कोई सुविधा नहीं दी गई है। कई जगह पर सड़क भी खराब है तो कई जगहों पर स्थिति दयनीय है। वही टोल कंपनी के द्वारा सड़क पर एंबुलेंस की सुविधा भी कहीं नहीं दी गई है और लोगों की जान चली जाती है।

 

 

सड़क पर दौड़ते मौत की कहानी, प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी

सड़क पर दौड़ते मौत की कहानी, प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी

Posted by बरबीघा चौपाल on Saturday, September 24, 2022

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