• Wednesday, 05 October 2022
बरबीघा नगर के गांव से शहरीकरण बनने की कहानी और विरोध के किस्से

बरबीघा नगर के गांव से शहरीकरण बनने की कहानी और विरोध के किस्से

बरबीघा नगर के गांव से शहरीकरण बनने की कहानी और विरोध के किस्से


 
बरबीघा, शेखपुरा
 
शेखपुरा जिले का बरबीघा नगर परिषद क्षेत्र गांव को जोड़कर नगर बनाने के कहानी का रोचक मामला जुड़ा हुआ है। इसमें गांव के लोगों ने शहर बनाने का जमकर विरोध किया था । उच्च न्यायालय में मामला भी गया और वहां से फैसला आने के बाद बरबीघा नगर घोषित रूप से बन गया।
 
इस मामले में कई कहानी जुड़ी हुई है। जिसमें से 1974 में बरबीघा के नगर बनने की कहानी है। 74 में बरबीघा को सरकार के द्वारा अधिसूचित क्षेत्र समिति बनाया गया। यानी कि शहरीकरण हुआ । उस समय शेरपर, रामपुर  सिंडाय और माउर ग्राम पंचायत हुआ करता था । तीनों ग्राम पंचायत को मिलाकर अधिसूचित क्षेत्र समिति बनाया गया ।
 
इस अधिसूचित क्षेत्र समिति का पहला कार्यालय कांग्रेस आश्रम में खोला गया जिसमें ₹80 प्रति महीना किराया दिया जाता था।। 40 लोगों को इसमें सदस्य बनाया गया उसी में से एक को उपाध्यक्ष चुना जाना होता था। इसके पदेन अध्यक्ष अनुमंडल पदाधिकारी होते थे । उपरोक्त जानकारी  अधिसूचित क्षेत्र कार्यालय में शुरु से ही कर्मचारी के रूप में आने वाले नगर परिषद के सेवानिवृत्त कर्मी अनादि सिंह ने देते हुए बताया कि उसमें बरबीघा का बहुत कम विकास हुआ था । सड़कें नहीं थी। नगर में जाने के लिए कमर भर कादो लगता था। अधिसूचित क्षेत्र समिति का कार्यालय खुला तो पहला उपाध्यक्ष मालदह के रामनरेश सिंह बने। उसके बाद बाजार के व्यवसाई 1977 में नरवद लाल छापरिया इसके उपाध्यक्ष बने। उसके बाद कुटोत गांव के गोदिल सिंह, माउर के अनिरुद्ध सिंह, रामनरेश सिंह फिर थाना चौक निवासी बालेश्वर यादव इसके उपाध्यक्ष बने अथवा सरकार के द्वारा मनोनीत किए गए।
 
2001 में बरबीघा बना नगर पंचायत 
 
अधिसूचित क्षेत्र समिति से आगे बढ़ते हुए 2001 में बरबीघा नगर पंचायत बना। जिसके पहले अध्यक्ष समाजवादी नेता शिव कुमार बने। शिव कुमार कहते हैं कि नगर पंचायत बनने के बाद नगर के विकास को लेकर उन्होंने कई ठोस काम किए। उस समय बिहार में बरबीघा नगर पंचायत नंबर एक पर चला गया था । उनके हटने के बाद रामपुर सिंडाय निवासी अजय कुमार, फिर कोइरीबीघा के विपिन चौधरी, सामाचक के चमरू पासवान नगर पंचायत के अध्यक्ष बने। वही नगर परिषद बनने के बाद इसके पहले अध्यक्ष रोशन कुमार बने।

Share News with your Friends

Comment / Reply From