• Monday, 26 September 2022
आपातकाल से लड़ने बुजुर्ग जेपी सेनानी जुटे और कहा काला अध्याय था आपातकाल..

आपातकाल से लड़ने बुजुर्ग जेपी सेनानी जुटे और कहा काला अध्याय था आपातकाल..

शेखपुरा।

शेखपुरा जिले जे पी सेनानी संघ के द्वारा इंदिरा गांधी के द्वारा लगाए गए आपातकाल दिवस को काला अध्याय दिवस के रुप में मनाया गया। संपूर्ण क्रांति मंच के बैनर तले आयोजित आपातकाल काला अध्याय दिवस पर वक्ताओं ने अपने अपने विचार व्यक्त किए। इसका आयोजन श्यामा सरोवर पार्क में किया गया।

जुटे जेपी सेनानी

समारोह की अध्यक्षता जेपी सेनानी भगवान दास ने की। इस अवसर पर जेपी सेनानी गोपाल प्रसाद केसरी, बृज नंदन प्रसाद, रामकुमार, कार्य आनंद शर्मा, भगवान दास, सत्यनारायण प्रसाद, उपेंद्र सिंह, योगेंद्र, रामेश्वर, राजेंद्र ठाकुर इत्यादि मौजूद थे।

आज भी होती है सिहरन
मौके पर वक्ताओं ने कहा कि आपातकाल लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय है और उसे लोकतंत्र समर्थक किसी के द्वारा भी समर्थन नहीं किया जा सकता। 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान जेपी सेनानियों ने जो कष्टों को झेला है वह आज भी याद है।

पगली घंटी बजा कर जेल में पिटाई

आपातकाल में लोगों के मौलिक अधिकारों को छीन लिया गया था और जब लोगों के पास मौलिक अधिकार ही नहीं होंगे तो लोकतंत्र का मायने क्या हो जाएगा। जिन्होंने आपातकाल के खिलाफ आवाज उठाई उसे जेल में ठूंस दिया गया और जेल में भी यातनाएं दी गई। सभी कैदियों को मीसा लगाकर ज्यादा दिनों तक जेल में रखा गया। साथ ही साथ जमानत की कानूनी अधिकार को भी छीन लिया गया। पगली घंटी बजा कर जेल में पिटाई भी की जाती थी।

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