• Monday, 05 December 2022
पुआल जलाने से बाज नहीं आ रहे किसान, जिले में बढ़ा हुआ है प्रदूषण

पुआल जलाने से बाज नहीं आ रहे किसान, जिले में बढ़ा हुआ है प्रदूषण

पुआल जलाने से बाज नहीं आ रहे किसान, जिले में बढ़ा हुआ है प्रदूषण 

 

बरबीघा, शेखपुरा 

 

शेखपुरा जिले में पुआल चलाने से किसान बाज नहीं आ रहे। किसानों के इस कार्रवाई की वजह से जिले का प्रदूषण बढ़ा हुआ है। जिले में वायु गुणवत्ता का मापक स्वास्थ्यवर्धक नहीं होकर बहुत ही खराब स्थिति में है

 वायु गुणवत्ता AQI के अनुसार जिले में औसत 150 से लेकर 200 के बीच AQI की गुणवत्ता रह रही है जो स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है । उधर, शेखपुरा में पुआल जलाने वालों पर कार्रवाई भी हो रही है ।

तेतारपुर गांव में जलाया गया पुआल

सदर प्रखंड के मेहूस गांव में डीएम के निर्देश पर गुरुवार को पुआल जलाने के मामले में अरविंद सिंह नामक किसान को गिरफ्तार कर पुलिस के हवाले किया गया तो बगैर अनुमति हार्वेस्टर से धान काट रहे हार्वेस्टर को जप्त किया गया और मुंशी और चालक को भी पुलिस के हवाले कर दिया गया।

इस बड़ी कार्रवाई का भी असर किसानों पर देखने को नहीं मिल रहा और किसान पुआल जला रहे। ऐसा ही नजारा शेखपुरा जिले के जयरामपुर थाना क्षेत्र के तोड़गढ़ गांव में देखने को मिला। जहां गुरुवार की शाम किसान धुआं धुआं कर दिए। पूरे खेत में पुआल जला दिया गया। जिससे काफी धुआं निकला और प्रदूषण का मापक बढ़ गया। पुआल आसपास के कई गांवों के किसानों के द्वारा बेखौफ होकर जलाए जा रहा है। पुआल जलाने की निगरानी कृषि विभाग को दी गई है। परंतु विभाग के कर्मी किसानों के भय से इस पर रिपोर्ट नहीं करते हैं। बताया जाता है कि किसान रिपोर्टिंग करने पर विवाद करते हैं और मारने पर उतारू हो जाते हैं। जिस वजह से कई किसान सलाहकार चुप्पी साधे हुए रहते हैं। उधर, किसान बिट्टू सिंह, धर्म सिंह ने पुआल जलाने की मजबूरी को भी बताते हैं कहा कि मजदूर नहीं मिलने से किसानों को भारी समस्या है। हार्वेस्टर से धान कटाने में पुआल खेत में रह जाता है जिसे डिस्पोजल करने की कोई व्यवस्था नहीं है। मजदूरी की समस्या के वजह से ही किसान हार्वेस्टर से धान कटा रहे हैं । ऐसे में बिचाली बनाने का मशीन इस क्षेत्र में नहीं रहने से किसानों को मुश्किल है। पुआल को खेत से हटाकर ही गेहूं की बुवाई हो सकती है इसलिए किसान पुआल जला देते हैं। उधर, कृषि विभाग के जानकार शांति भूषण कहते हैं कि पुआल जलाने से किसानों को ही नुकसान है। वायु प्रदूषण का स्तर तो बढ़ता ही है साथ ही साथ खेतों की गुणवत्ता भी नष्ट हो जाती है। जिसे आगे के फसल पर इसका असर पड़ता है।

Share News with your Friends

Comment / Reply From

You May Also Like

Stay Connected

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!