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प्ले बॉय की निकाली वैकेंसी तो बड़ी संख्या में युवाओं ने दीया एप्लीकेशन और फिर

प्ले बॉय की निकाली वैकेंसी तो बड़ी संख्या में युवाओं ने दीया एप्लीकेशन और फि

शेखोपुरसराय

शेखपुरा जिले के शेखोपुरसराय थाना क्षेत्र के कई गांव में साइबर अपराधियों का बड़ा जाल है। इस जाल में तरह-तरह के नए नए तरीके से लोगों को ठगने का मामला सामने आता है। इसमें पहले लॉटरी में पैसा, गाड़ी जीतने का प्रलोभन देकर ठगी का मामला किया जाता था। कोविड-19 महामारी में ऑक्सीजन सिलेंडर के नाम पर लाखों करोड़ों की ठगी की गई। अब बेरोजगार युवाओं को प्ले बॉय की नौकरी देने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है।

बेरोजगार युवाओं को इस तरह से मानसिक रूप से दोहन के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी ठगी की गई है। इसमें एक अपराधी को पुलिस ने पकड़ने में सफलता हासिल की है। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। यह गिरफ्तारी थाना क्षेत्र के पाची गांव से आशीष कुमार उर्फ छोटू की की गई।

क्या है प्लेबॉय का मामला और कैसे की गई ठगी

साइबर अपराधी युवक के द्वारा बेरोजगार युवाओं को ठगने का एक नया तरीका इजाद किया गया। उसने फेसबुक एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्लेबॉय की वैकेंसी निकालने के पोस्टर लगाए वहां व्हाट्सएप नंबर जारी किया गया और उस पर संपर्क करने के लिए कहा गया। व्हाट्सएप नंबर पर प्लेबॉय की नौकरी के लिए संपर्क करने वाले युवाओं को रजिस्ट्रेशन के नाम पर 10,000 से लेकर ₹50000 तक की वसूली की गई। युवाओं को लाखों रुपए कमाने का झांसा दिया गया और इसी में युवा झांसे में आ गए और उनको ठगी का शिकार बनाया गया। देश भर के कई लोग इस झांसे में आकर अपने पैसे लुटा दिए।

क्या होता है प्लेबॉय और कैसे की गई ठगी

इस मामले में जानकारी देते हुए शेखोपुरसराय के थाना अध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि पाची गांव में छापेमारी के दौरान आशीष कुमार को गिरफ्तार किया गया तो उसके मोबाइल में चौंकाने वाले साक्ष्य मिले। उसके पास से तीन मोबाइल एटीएम इत्यादि संदिग्ध रूप से बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि प्लेब्वॉय के नौकरी के नाम पर ठगी का यह कारोबार किया जा रहा था।

प्लेबॉय महानगरों में पुरुषों के देह व्यापार को कहा जाता है। इसी के झांसे में युवकों को फंसाया गया और उन्हें पैसे कमाने का प्रलोभन दिया गया।

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