• Monday, 26 September 2022
Special Report : 73 प्रतिशत युवाओं की सड़क हादसे में जा रही है जान

Special Report : 73 प्रतिशत युवाओं की सड़क हादसे में जा रही है जान

Special Report : 73 प्रतिशत युवाओं की सड़क हादसे में जा रही है जान

 

Nation News Desk 

 

भारत दुनिया भर में सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की बड़ी संख्या का क्षेत्र बनता जा रहा है। परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी इसको लेकर चिंतित हैं। हाल ही में टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की सड़क हादसों में जान जाने के बाद पीछे की सीट पर भी सीट बेल्ट लगाने के नियम अनिवार्य बनाया गया है। सड़क हादसों में जान सुरक्षित रहे इसके लिए बाइक चालक को हेलमेट लगाने सहित कई नियम बनाए गए हैं। कार चालकों के लिए भी सीट बेल्ट एयरबैग को अनिवार्य किया गया है परंतु इनकी अनदेखी से लोगों की जान जा रहे हैं।

 

 

25 वर्ष से कम उम्र के 73% की जा रही है जान

 

डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में 73% 25 वर्ष से कम उम्र के युवा सड़क हादसों में जान गवा रहे हैं । दुनिया भर में 50% पैदल, साइकिल और बाइक सवार की जान जा रही है । मरने वालों में 93% निम्न और मध्यम आय वाले हैं। सड़क हादसे में जान गंवाने की वजह से जीडीपी पर 3% नुकसान होता है।

 

 

भारत के सड़क परिवहन मंत्रालय के 2020 के रिपोर्ट चौंकाने वाले हैं । इन आंकड़ों की मानें तो 366138 सड़क हादसे साल भर में दर्ज किया गया। इसमें 120806 हादसे जानलेवा साबित हुए। 131714 लोगों की जान चली गई। 348279 लोग सड़क हादसों में घायल हुए।

 

वाहन चलाते वक्त मोबाइल का उपयोग करने से सड़क हादसे की संभावना 4 गुना बढ़ जाती है।

 

 

69 दशमलव 3% सड़क हादसे में जो जाने गई है उसका मुख्य कारण ओवर स्पीड रहा है। 

 

 

43.2% जान गवाने बालों में बाइक चालक हैं और इनमें ज्यादातर युवा ही होते हैं।

 

69% सड़क हादसों में शिकार होने वालों का उम्र 18 वर्ष से 45 वर्ष के बीच भारत में दर्ज किया गया है

 

 

13.6% सड़क हादसों में मरने वालों में कार चालक हैं

 

 

31.8% दुर्घटनाएं नेशनल हाईवे पर हुए हैं

 

 

24.8% दुर्घटनाएं स्टेट हाईवे पर होने का मामला दर्ज किया गया है

 

 

43.4% सड़क हादसे सड़कों पर हुए हैं।

 

 

42% सड़क हादसे में जान जाने की संभावना हेलमेट लगाने की वजह से कम हो जाती है।

 

 

45% सड़क हादसे में जान जाने का खतरा कार चालकों के सीट बेल्ट लगाने से कम हो जाता है।

 

 

कार चालकों की भी लापरवाही से जाती हैं जान

 

 

वर्ष 2019 में 92196 सड़क दुर्घटनाओं में कार सवार दुर्घटना के शिकार हुए।

 

 23900 लोगों की इन दुर्घटनाओं में जान चली गई ।

 

इनमें से 20885 लोग ऐसे थे जिन्होंने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी।

 

 

 

2020 के आंकड़ों की बात करें तो 

 

60986 दुर्घटनाओं में कार सवार दुर्घटना के शिकार हुए।

 

 इनमें से 13877 लोगों की जान दुर्घटनाग्रस्त होने से चली गई 

 

15186 लोग ऐसे थे जिन्होंने सीट बेल्ट का उपयोग नहीं किया।

 

 

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