• Friday, 09 December 2022
बिहार से बच्चों को नौकरी का झांसा देकर ले गया कश्मीर, अब हो गया यह कांड

बिहार से बच्चों को नौकरी का झांसा देकर ले गया कश्मीर, अब हो गया यह कांड

बिहार से बच्चों को नौकरी का झांसा देकर ले गया कश्मीर, अब हो गया यह कांड



 
शेखपुरा
 
बिहार के शेखपुरा जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्र का इलाका घाटकुसुंभा प्रखंड है। यह प्रखंड कोरमा थाना क्षेत्र में पड़ता है। इसी प्रखंड के पानापुर गांव में बीते 7 अक्टूबर को झारखंड का एक व्यक्ति आया । यहां के कम उम्र के साथ लड़कों को दिल्ली के होटल में बढ़िया नौकरी दिलाने का झांसा दिया।  सभी को अपने साथ लेकर चला गया। दिल्ली की जगह सभी छोटे छोटे उम्र के लड़कों को कश्मीर लेकर चला गया। वहां अब गलत काम करने के लिए कहा जा रहा है। किसी तरह से लड़कों के घर वालों को इसकी भनक लगी तो कोहराम मच गया। लड़कों के घरवालों ने प्रखंड प्रमुख तरीक अनवर से संर्पक किया और पुलिस की शरण मांगी । अभी तक मामला सुलझा नहीं है।
 
 

क्या है पूरा मामला, कैसे लेकर चला गया कश्मीर 

 
दरअसल यह पूरा मामला झारखंड के पलामू जिला निवासी हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के दंगवार निवासी महेश प्रसाद सोनी के पुत्र प्रेम प्रकाश सोनी के पानापुर गांव आने के बाद हुआ है। प्रेम प्रकाश ने गांव के किशोर उम्र के लड़कों को दिल्ली के होटल में बढ़िया नौकरी दिलाने का झांसा दिया। 12000 से लेकर 15000 तक का वेतन का झांसा दिया। रहने और खाने की मुफ्त सेवा का भी भरोसा दिया । इसी भरोसे पर 7 लड़के जिनकी उम्र 15 से 17 साल है। उसके साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इसमें से कई लड़के दशवीं में पढ़ रहे है। 7 तारीख को सभी रवाना हुए ।  

झांसा देकर सभी को ले गया कश्मीर

 
झांसा देकर सभी को कश्मीर लेकर चला गया। कश्मीर में अलग-अलग तरह के काम करने का दबाव बनाया जा रहा । लड़कों ने जब काम करने से इंकार कर दिया तो उसे एक तरह से बंधक बना लिया। उसे आने जाने नहीं दिया जा रहा। किसी तरह से लड़के के घर वालों को इसकी सूचना मिली। घरवालों की सूचना पर सभी ने पुलिस को इसके लिए सूचित किया। हालांकि एक नंबर से लड़कों को छोड़ने के लिए पैसे की मांग की बात भी कही जा रही है।
 

आवेदन देकर पुलिस से की गई है शिकायत 

 
दरअसल इस पूरे मामले में पानापुर के लोगों ने आवेदन देकर पुलिस से शिकायत की है। प्रमुख तारीक अनबर ने इसके लिए मदद की। बच्चों को घर पहुंचाने की गुहार लगाई है। इन बच्चों में बंगाली पासवान का पुत्र सोहित कुमार और उजाल कुमार, विनोद पासवान का पुत्र सौरभ कुमार, शंभू पासवान का पुत्र प्रह्लाद कुमार, प्रभु पासवान का पुत्र सदा शिव कुमार तथा गुड्डू पासवान का पुत्र बीरबल कुमार और रुदल पासवान का पुत्र श्याम कुमार शामिल है।
 

बच्चों को छोड़ने के लिए ₹1 लाख 20 हजार की डिमांड

 
आवेदन में शंभू पासवान सहित परिवार के सभी लोगों ने हस्ताक्षर किया है। पुलिस अधीक्षक के नाम से आवेदन लिखा है। कोरमा थाना अध्यक्ष को दिया गया है । इस संबंध में मोबाइल पर बात किए जाने पर शंभू पासवान ने कहा कि 7 तारीख को प्रेम प्रकाश सभी को लेकर गया है। अब कश्मीर लेकर चला गया है। वहां सभी बच्चे रो रहे हैं और वहां से घर आने की जिद कर रहे हैं। परंतु आने नहीं दिया जा रहा है। एक मोबाइल नंबर से उनको कॉल करके बच्चों को छोड़ने के लिए ₹1 लाख 20 हजार की डिमांड की जा रही है। जो वे लोग देने से असमर्थ हैं। ऐसे में उनको भारी परेशानी हो गई है। बताया कि किसी तरह उनका सभी लड़का घर आ जाए तो उन लोगों को राहत महसूस हो। कश्मीर में किसी गलत काम के लिए लड़कों पर दबाव बनाया जा रहा है। जिससे लड़के परेशान हैं।
 

पुलिस ने बताया नहीं है कोई बड़ी बात

 
इस संबंध में कोरमा के थानाध्यक्ष नीतीश कुमार से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि आवेदन लेकर लड़कों के परिवार के लोग आए थे जिस नंबर से ₹120000 की मांग की जा रही है उस नंबर पर जब संपर्क किया गया तो किसी तरह की बात से इनकार किया गया। कहा गया कि लड़कों को किसी तरह की परेशानी नहीं है। वे लोग स्वेछा से यहां काम करना चाह रहे हैं। नीतीश कुमार ने बताया कि परिवार वाले यदि  कानून की सहायता मांगेंगे तो  लड़कों को वापस लाने के लिए पहल किया जाएगा।

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