• Friday, 09 December 2022
JUNGLE NEWS: दैनिक जंगल समाचार पत्र में जांबाज बाघ की चर्चा

JUNGLE NEWS: दैनिक जंगल समाचार पत्र में जांबाज बाघ की चर्चा

दैनिक जंगल समाचार पत्र में जांबाज बाघ की चर्चा 

 

 

Arun sathi/हास्य व्यंग्य

दैनिक जंगल समाचार पत्र में इन दिनों एक जांबाज बाघ के शहीद होने की खबर सुर्खियों में है । खबर कि अपने जंगल और जमीन पर कब्जा कर बैठे जंगल, जानवर और जमीनखोर आदमजात से लड़ते-लड़ते एक जांबाज बाघ शहीद हो गया।

 

 खबर में यह भी लिखा गया है कि जंगल जमीन और जानवरों से जंगल को बचाने के लिए लड़ते लड़ते शहीद हुए बाघ की तरह का हौसला कोई कोई ही कर पाता है ।

 

 

कहा गया है कि आदमजात ने उनके जंगल पर कब्जा कर लिया । इस वजह से जंगल खत्म हो गए ।कई जानवर विलुप्त हो गए। हाथी, बंदर, बिल्ली, कुत्ता, गिलहरी, लोमड़ी, खरगोस इत्यादि जानवरों ने आदमजात से समझौता कर लिया और पालतू होकर उसके साथ रहने लगे।

 

 और उसी के जैसे हो गए परंतु बाघ शेर चीता यह क्रांतिकारी निकले अभी तक पालतू भी नहीं हुए हैं और शहरीकरण का इन पर प्रभाव नहीं पड़ा है। इस वजह से लड़ते-लड़ते शहीद हो रहे हैं।

 

 दैनिक जंगल समाचार पत्र में इस बात की भी चर्चा की गई है कि विलुप्त होने के बाद उनकी पूछ बढ़ जाती है । आदम जात दिखावटी प्रेम प्रदर्शन में बहुत ही शातिर है। इसी वजह से अफ्रीका से चीता मंगवा कर दिखावटी प्रेम का जबरदस्त प्रदर्शन किया गया। साथ ही साथ समाचार पत्र के संपादकीय में विशेष तौर पर इस बात की चर्चा की गई है कि आजमजात जंगली जानवरों से भी खूंखार हो गया है। तभी तो एक मरे हुए बाघ की लाश को नोचते हुए आजम जात को देखा गया। इस पर खास टिप्पणी की गई है कि आदम जात का अवगुण जानवरों में नहीं अपनाना चाहिए।

 

हास्य व्यंग्य आलेख वरिष्ठ पत्रकार अरुण साथी  के  ब्लॉग http://chouthaakhambha.blogspot.com  से  साभार 

 

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