• Friday, 09 December 2022
सिनेमा और टीवी के रुपहले परदे से निकल बिहार के गांव में पहुंचा करवा चौथ

सिनेमा और टीवी के रुपहले परदे से निकल बिहार के गांव में पहुंचा करवा चौथ

सिनेमा और टीवी के रुपहले परदे से निकल बिहार के गांव में पहुंचा करवा चौथ

 
News Desk
 
करवा चौथ का त्यौहार सिनेमा और टीवी के धारावाहिकों में प्रमुखता से दिखाई जाते रहे हैं । बिहार में करवा चौथ के त्यौहार को मनाने की परंपरा नहीं रही है। कुछ एक दो अपवाद छोड़ दें तो करवा चौथ बिहार के लिए नई नई बात थी परंतु सिनेमा के रुपहले परदे से चलते हुए टीवी के धारावाहिकों से निकलकर करवा चौथ का त्यौहार अब बिहार के गांव तक पहुंच गया है।
इसकी धमक करवा चौथ में खरीदारी बिहार के ग्रामीण इलाकों में देखने को मिला। वहीं करवा चौथ का व्रत करने वाली महिलाओं की बड़ी संख्या व्रत के दिन देखने को मिला।
 
 
बुधवार को करवा चौथ में उपयोग में आने वाले दीया, मिट्टी के बर्तन, चलनी, थाली इत्यादि की बिक्री के लिए कई दर्जन दुकानें सजाई गई थी। दो चार साल पहले तक करवा चौथ की सामग्री की बिक्री की एक भी दुकान नहीं होती थी और उसके एक भी खरीदार नहीं होते थे ऐसे में इस बात की चर्चा है कि करवा चौथ का त्यौहार अब बिहार में भी अपनी धमक बनाने लगा है।
 
इसको लेकर बरबीघा के श्रृंगार दुकान संचालक रितेश कुमार कहते हैं कि कुछ साल पहले तक एक दो महिलाओं के द्वारा करवा चौथ का व्रत किया जाता था परंतु दिल्ली और पंजाब हरियाणा से लौटकर जब धीरे-धीरे लोग इधर आने लगे और टीवी सिनेमा और सोशल मीडिया का प्रभाव बढ़ने लगा तो इधर भी धीरे-धीरे लोग करवा चौथ करने लगे। इसमें सोशल मीडिया बड़ा प्रभाव है।
 
इसको लेकर पंडित ओंकार कहते हैं कि इस क्षेत्र में करवा चौथ करने का चलन नहीं था परंतु अब गांव में भी करवा चौथ लोग करने लगे। शहरों में करवा चौथ में ब्राह्मणों की उपस्थिति रहती है। करवा चौथ कथा का आयोजन होता है। उसे सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहते हैं। वही धीरे-धीरे ग्रामीण क्षेत्रों में भी करवा चौथ का व्रत लोग करने लगे हैं।

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